Charak Samhita Notes & Mock Test 7 – December 8 pdf file AIAPGET/BAMS

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अभी तक हमने चरक संहिता से जुड़े काफी प्रश्न देख चुके है। अगर आप ने पिछले तीन भाग नहीं देखे है तो उन्हें अवश्य देख ले। चरक संहिता को जानने के लिए यह परीक्षा के प्रश्न पत्र रोज आयुर्वेद सीधी टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सप्प ग्रुप पे मिल जाते है। Charak Samhita के इस प्रश्न पत्र की Pdf file आप परीक्षा की समाप्ति में प्राप्त कर सकते है। (भाग १ | भाग २ | भाग ३भाग ४)

इस परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न महत्वपर्ण है। इसलिए प्रश्न पत्र को २-३ बार हल करे जिससे यह प्रश्न आपके किसी भी परीक्षा में गलत न हो।

1. अष्टमूत्र के संदर्भ में ‘लाघवं जातिसामान्ये स्त्रीणां, पुंसां च गौरवम्’ – किस आचार्य का कथन है।

 
 
 
 

2. चरकानुसार मूत्र में ‘प्रधान रस’होता है।

 
 
 
 

3. चरकानुसार मूत्र का ‘अनुरस’होता है।

 
 
 
 

4. पाण्डुरोग उपसृष्टानामुत्तमं …..चोत्यते। श्लेष्माणं शमयेत्पीतं मारूतं चानुलोमयेत्।

 
 
 
 

5. चरकानुसार मूत्र का गुण है।

 
 
 
 

6. वाग्भट्टानुसार मूत्र होता है।

 
 
 
 

7. ‘मूत्रं मानुषं च विषापहम्।’ – किस आचार्य का कथन है –

 
 
 
 

8. हस्ति मूत्र का रस होता है।

 
 
 
 

9. माहिषमूत्र का रस होता है।

 
 
 
 

10. किसका मूत्र ‘सर’ गुण वाला होता है।

 
 
 
 

11. किसका मूत्र ‘पथ्य’ होता है।

 
 
 
 

12. कुष्ठ व्रण विषापहम् – मूत्र है।

 
 
 
 

13. चरकानुसार ‘अर्श नाशक’ मूत्र है।

 
 
 
 

14. उन्माद, अपस्मार, ग्रहबाधा नाशकमूत्र है ?

 
 
 
 

15. चरक ने ‘श्रेष्ठं क्षीणक्षतेषु च’किसके लिए कहा है।

 
 
 
 

16. पाण्डुरोगेऽम्लपित्ते च शोषे गुल्मे तथोदरे। अतिसारे ज्वरे दाहे च श्वयथौ च विशेषतः। – किसके लिए कहा है।

 
 
 
 

17. चरक संहिता में मूलनी, फलिनी, लवण और मूत्र की संख्या क्रमशःहै।

 
 
 
 

18. चरक संहिता में मूलनी, फलिनी, लवण और मूत्र की संख्या क्रमशःहै।

 
 
 
 

Question 1 of 18

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