चरक संहिता सूत्रस्थान अध्याय 4 (षड्विरचेनशताश्रितीय ) Test and Pdf File.

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1. चरक ने शिरो विरेचन द्रव्यों के कितने आश्रय बतलाए है।

 
 
 
 

2. सप्तला-शंखिनी के विरेचन योगों की संख्या हैं।

 
 
 
 

3. धामार्गव के वामकयोगों की संख्या हैं।

 
 
 
 

4. दन्ती-द्रवन्ती के विरेचन योगों की संख्या हैं।

 
 
 
 

5. स्वरसः, कल्कः, श्रृतः, शीतः फाण्टः कषायश्चेति। …..।

 
 
 
 

6. ‘पंचविध कषाय कल्पनाओं’ के संदर्भ में ‘पंचधैवं कषायाणां पूर्व पूर्व बलाधिका’ किस आचार्य ने कहा है।

 
 
 
 

7. “द्रव्यादापोत्थितात्तोये तत्पुनर्निशि संस्थितात्”- किस कषाय कल्पना के लिये कहा गया है।

 
 
 
 

8. ‘यः पिण्डो रसपिष्टानां स कल्कः परिकार्तितः’ किस आचार्य का कथन है।

 
 
 
 

9. चरकमत से कषाय कल्पनाओं का प्रयोग किस परनिर्भर करता है ?

 
 
 
 

10. चरक के पंचाश न्महाकषाय में स्थापन महाकषायों की संख्या है।

 
 
 
 

11. चरकके पंचाशन्महाकषाय में निग्रहण महाकषायों की संख्या है।

 
 
 
 

12. चरकोक्त पचास महाकषायों में सबसें अधिक 11 बार सम्मिलित द्रव्य है।

 
 
 
 

13. चरकोक्त पचास महाकषायों में सम्मिलित कुल द्रव्यों की संख्या है।

 
 
 
 

14. चरक संहिता में महाकषाय का वर्ण किस स्वरूप में हैं।

 
 
 
 

15. चरकोक्त जीवनीय महाकषाय में अष्टवर्ग के कितने द्रव्य शामिल है।

 
 
 
 

16. ‘भारद्वाजी’ किसका पर्यायहै।

 
 
 
 

17. चरकने निम्न किस महाकषाय का वर्णन नहीं किया है।

 
 
 
 

18. चक्रपाणि के अनुसार ‘सदापुष्पी’ किसका पर्यायहै।

 
 
 
 

19. चरक ने अर्जुन का प्रयोग किस महाकषाय में वर्णित किया है।

 
 
 
 

20. चरकोक्त ज्वरहर दशेमानि के मध्य में किसको ग्रहण नहीं किया है।

 
 
 
 

21. ‘आम्रास्थि’का वर्णन चरकोक्त किस दशेमानि वर्ग में है।

 
 
 
 

22. कमल के भेदों का वर्णन चरकोक्त किस दशेमानि वर्ग में है।

 
 
 
 

23. मूत्रविरेचनीय महाकषाय में किसका उल्लेख नहीं है।

 
 
 
 

24. ‘भृष्टमृत्तिका’का वर्णन चरकोक्त किस दशेमानि वर्ग में है।

 
 
 
 

25. ‘स्तन्यशोधन महाकषाय’ में सम्मिलित नहीं है।

 
 
 
 

26. ‘प्रजास्थापन महाकषाय’ में सम्मिलित नहीं है।

 
 
 
 

27. निम्नलिखित में से किस चरकोक्त दशेमानि में ‘मोचरस’ शामिल नहीं हैं।

 
 
 
 

28. निम्नलिखित में से किस चरकोक्त दशेमानि में ‘शर्करा’ शामिल हैं।

 
 
 
 

29. दशमूल के द्रव्यों का वर्णन चरकोक्त किस दशेमानि वर्ग में है।

 
 
 
 

30. अशोकका वर्णन चरकोक्त किस दशेमानि वर्ग में है।

 
 
 
 

31. तृष्णानिग्रहण एंव वयः स्थापन महाकषायों में समाविष्टहै।

 
 
 
 

32. चरकोक्त कुष्ठघ्न व कण्डूघ्न दोनों महाकषाय में समाविष्टहै।

 
 
 
 

33. चरकोक्त कुष्ठघ्न व कृमिघ्न दोनों महाकषाय में समाविष्टहै।

 
 
 
 

34. बेर के भेदों का वर्णन किस महाकषाय में है।

 
 
 
 

35. चरक संहिता में वर्णित “पुरीष संग्रहणीय” महाकषाय के द्रव्य है।

 
 
 
 

36. चरक संहिता में वर्णित कौनसे महाकषाय को योगीनाथसेन ने “अरोचकहर” कहा हैं।

 
 
 
 

37. कालमेह, नीलमेह एवं हारिद्रमेह कीचिकित्सा मेंचरकोक्त किस दशेमानि वर्ग के द्रव्यों करना चाहिए।

 
 
 
 

38. ‘विदारीगंधा’ किसका पर्याय हैं ?

 
 
 
 

39. रसा लवणवर्ज्याश्च कषाया इति संज्ञिताः’ – किस आचार्य का कथन है।

 
 
 
 

40. ‘भिषग्वर’का वर्णन चरक संहिता के किस अध्याय में है।

 
 
 
 

Question 1 of 40


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