Charak Samhita Chapter 2 (अपामार्गतण्डुलीय) Mock Test – AIAPGET/BAMS pdf file

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अभी तक हमने चरक संहिता से जुड़े काफी प्रश्न देख चुके है। अगर आप ने पिछले तीन भाग नहीं देखे है तो उन्हें अवश्य देख ले। चरक संहिता को जानने के लिए यह परीक्षा के प्रश्न पत्र रोज आयुर्वेद सीधी टेलीग्राम चैनल पे मिल जाते है।

(भाग १ | भाग २ | भाग ३भाग ४ | भाग ५)

प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़े उसके बाद अपना उत्तर को मार्क करे। प्रश्न पत्र को २-३ बार हल करे और संहिता में श्लोक देखे।

चरक संहिता अध्याय २: अपामार्गतण्डुलीय

1. शिरोविरेचनार्थ ‘अपामार्ग’ का प्रयोज्यांग है ?

 
 
 
 

2. चरक ने अपामार्गतण्डुलीय अध्याय में ‘वचा’ को कौनसे वर्ग में शामिल किया है।

 
 
 
 

3. चरक ने अपामार्गतण्डुलीय अध्याय में ‘एरण्ड’ को कौनसे वर्ग में शामिल किया है।

 
 
 
 

4. चरक संहिता में सर्वप्रथम ‘पंचकर्म’ शब्द कौनसे अध्याय में आया है।

 
 
 
 

5. चरकानुसार औषध की सम्यक् योजना किस पर निर्भर करती है ?

 
 
 
 

6. …..यवाग्वः परिकीर्तिताः।

 
 
 
 

7. चरकोक्त 28 यवागू में कुल कितनी पेया हैं।

 
 
 
 

8. किसके क्वाथ से सिद्ध यवागू विषनाशक होती हैं।

 
 
 
 

9. यवानां यमके पिप्पल्यामलकैः श्रृता। – यवागू का कर्म है।

 
 
 
 

10. दधित्थबिल्वचांगेरीतक्रदाडिमा साधिता।- यवागू है।

 
 
 
 

11. तक्रसिद्धा यवागूः।

 
 
 
 

12. यमके मदिरा सिद्धा …..यवागू।

 
 
 
 

13. तक्रपिण्याक साधिता यवागू।

 
 
 
 

14. ताम्रचूडरसे सिद्धा …..।

 
 
 
 

15. दशमूल क्वाथ से सिद्ध यवागू होतीहैं ?

 
 
 
 

16. चरकानुसार मुर्गे का पर्याय है।

 
 
 
 

17. उपोदिकादधिभ्यां तु सिद्धा…..यवागू।

 
 
 
 

Question 1 of 17


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1 Comment

Sonali Rawat · December 15, 2020 at 2:51 am

Which question I do wrong ??

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